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शाकनी यंत्र: बुरी शक्तियों को दूर करने का रामबाण इलाज

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में यंत्रों का विशेष महत्व है। यंत्रों को साधना के माध्यम से सिद्ध करके प्रयोग किया जाता है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में सुख, सफलता और सुरक्षा प्राप्त कर सके। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं एक शक्तिशाली यंत्र के बारे में, जिसे शाकनी यंत्र कहा जाता है। यह यंत्र ज्योतिष, ऊपरी बाधाओं से बचाव और वास्तु शास्त्र में एक खास स्थान रखता है। इसे विशेष तौर पर नकारात्मक शक्तियों को दूर करने और बुरी शक्तियों से बचाने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इस ब्लॉग में हम शाकनी यंत्र के महत्व, उसकी उत्पत्ति, निर्माण विधि, उपयोग और लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। और अगर आप इस यंत्र को खरीदना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट astroscience पर इसे खरीद सकते हैं।

 

शाकनी यंत्र क्या है?

 

शाकनी यंत्र एक शक्तिशाली यंत्र है, जिसका उपयोग जीवन में आने वाली नकारात्मक बाधाओं को दूर करने, शत्रुओं से रक्षा करने और कानूनी सफलता प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह मुख्य रूप से मंत्रों द्वारा अनुष्ठानों और ज्योतिष उपायों के लिए स्थापित किया जाता है। अगर आप भी शाकनी यंत्र को सही विधि से स्थापित करते हैं तो यह व्यक्ति के आसपास सुरक्षात्मक घेरा बना देता है, जिससे काला जादू, टोना-टोटका और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता।

 

शाकनी यंत्र का महत्व और लाभ

 

● काला जादू और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा

 

यदि किसी व्यक्ति पर काला जादू या नकारात्मक क्रियाओं का प्रभाव हो, या आपके घर में ऐसी कोई बुरी शक्ति का प्रभाव हो तो यह यंत्र उसे खत्म कर देता है। यह यंत्र एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो आपको काले जादू से रक्षा करता है। यदि आप पर किसी ने ऊपरी बाधा शक्ति प्रभावित करने की कोशिश की तो भी यह यंत्र आपकी सुरक्षा करता है।

 

● ऊपरी बाधाओं से मुक्ति

 

जिन लोगों को भूत-प्रेत की बाधा महसूस होती है, वे इस यंत्र को अपने घर में स्थापित कर सकते हैं। अक्सर लोगों को इन बातों पर विश्वास नहीं होता है, लेकिन जो लोग इस समस्या से पीड़ित हैं उनके लिए यह यंत्र रामबाण साबित होगा।

 

● नजर दोष से बचाव

 

यह यंत्र नकारात्मक या बुरी नजर से बचाने के लिए भी प्रभावी माना जाता है। अक्सर लोगों का मानना होता है कि उनके जीवन के दुःख किसी की बुरी नजर की वजह से होते हैं और ऐसे लोग कई सार्थक उपायों को ढूंढते हैं, तो इस तरह के व्यक्ति के लिए शाकनी यंत्र बहुत अहम साबित हो सकता है।

 

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● ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम करना

 

यह विशेष रूप से शनि, राहु और केतु के दुष्प्रभाव को कम करता है। अगर आपकी राशि को इनमें से किसी भी ग्रह द्वारा कमजोर किया जा रहा है तो आप इस यंत्र का उपयोग जरूर करें।

 

● सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करना

 

यह घर या व्यापार स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और सौभाग्य लेकर आता है। ऐसा भी माना जाता है कि इस यंत्र को स्थापित करने के बाद व्यक्ति के रुके काम भी बनने लगते हैं।

 

● शत्रु बाधा से मुक्ति

 

यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं से परेशान है, तो यह यंत्र उसकी रक्षा करता है। साथ ही, कानूनी मुकदमों से भी आपकी रक्षा करता है।

 

शाकनी यंत्र कैसे काम करता है?

 

शाकनी यंत्र विशेष मंत्रों से बनी रेखाओं और प्रतीकों से निर्मित होता है। इसे सही विधि से जाग्रत (सिद्ध) किया जाता है, ताकि यह प्रभावी रूप से कार्य कर सके। यह यंत्र नकारात्मक ऊर्जाओं को अवशोषित कर नष्ट करता है। यह यंत्र ऊपरी बाधाओं के हमलों को प्रतिबिंबित कर वापस भेजने की क्षमता रखता है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है, जिससे व्यक्ति मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त करता है। साथ ही, यह व्यक्ति के चारों ओर ऊर्जा कवच बनाता है, जिससे बाहरी नकारात्मक शक्तियां उस पर प्रभाव नहीं डाल पातीं।

 

शाकनी यंत्र की स्थापना विधि

 

शाकनी यंत्र को सही तरीके से स्थापित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। क्योंकि शाकनी यंत्र विशेष मंत्रों की प्रक्रियाओं से बनता है। अब हम आपको स्थापना विधि बताएंगे।

 

शुभ मुहूर्त में स्थापना

 

शाकनी यंत्र को अमावस्या, पूर्णिमा, शनिवार या ग्रहण के समय स्थापित करना सबसे प्रभावी माना जाता है। लेकिन इसे राहु काल और गुलिक काल में स्थापित नहीं करना चाहिए।

 

आवश्यक सामग्री

 

1. तांबे, चांदी या भोजपत्र पर अंकित शाकनी यंत्र

2. लाल या पीला वस्त्र

3. गंगाजल और गौमूत्र

4. दीपक और अगरबत्ती

5. काले तिल, सरसों के दाने, और कुमकुम

 

स्थापना की विधि

 

स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यंत्र को गंगाजल और गौमूत्र से शुद्ध करें। यंत्र को घर, दुकान या ऑफिस के उत्तर-पूर्वी कोने में किसी साफ स्वच्छ स्थान पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर स्थापित करें। इसे पूजा स्थल या घर के प्रवेश द्वार के पास भी रखा जा सकता है। सरसों के तेल का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती करें। काले तिल और सरसों के दाने यंत्र के चारों ओर छिड़कें। ह्रीं ह्रीं शाकनी स्वाहा मंत्र का 108 बार जप करें।

 

शाकनी यंत्र से जुड़ी सावधानियां

 

शाकनी यंत्र एक अत्यंत शक्तिशाली यंत्र है, जिसे सही विधि से स्थापित और उपयोग किया जाए तो यह नकारात्मक ऊर्जा, काला जादू, नजर दोष और भूत-प्रेत बाधाओं से रक्षा करता है। हालांकि, इसकी प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतना आवश्यक है।

 

1. यंत्र को स्थापित करते समय " शाकनी यंत्र नमः" या " ह्लीं नमः" मंत्र का जाप करें। यह मंत्र यंत्र की ऊर्जा को सक्रिय करता है और नकारात्मकता को नष्ट करता है। शाकनी यंत्र को अमावस्या, पूर्णिमा या किसी शुभ तिथि पर स्थापित करना अधिक लाभकारी माना जाता है। अथवा रविवार या शुक्रवार भी विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।

 

2. यंत्र को किसी स्वच्छ और पवित्र स्थान पर स्थापित करें तथा इसे जमीन पर सीधे रखें। इसके लिए आप घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, तिजोरी, व्यापार स्थल या बेडरूम का प्रयोग कर सकते हैं। यदि इसे घर में रखते हैं, तो पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ होता है। इसे गंदे या अपवित्र स्थानों, जैसे शौचालय, जूते-चप्पल रखने की जगह या गंदे कमरे में रखें।

 

3. यंत्र की शुद्धता बनाए रखने के लिए इसे नियमित रूप से गंगाजल, गौमूत्र या कच्चे दूध से शुद्ध करें। यदि प्रतिदिन संभव हो तो पूजा स्थल में स्थापित यंत्र को हर शनिवार या अमावस्या को अवश्य साफ करें। पूजा विधि के दौरान नियमित रूप से ह्रीं ह्रीं शाकनी स्वाहा मंत्र का जाप करें। यदि आप इस यंत्र को गले में धारण करते हैं तो स्नानादि के बाद अपने हाथ में यंत्र को लेकर उपरोक्त विधिपूर्वक इसका पूजन करें।

 

4. पूजा के समय मन को एकाग्र रखें और पूर्ण श्रद्धा से यंत्र की आराधना करें। इसे किसी भी अनैतिक या नकारात्मक कार्य के लिए प्रयोग करें, अन्यथा इसका दुष्प्रभाव हो सकता है।

 

5. यदि शाकनी यंत्र फट जाए, टूट जाए या खराब हो जाए, तो उसे बहते जल में प्रवाहित कर नया यंत्र स्थापित करें। पुराने या निष्क्रिय यंत्र को घर में अनदेखा छोड़ें, बल्कि उसे उचित विधि से विसर्जित करें।

 

6. अन्य सावधानियां

 

● इस यंत्र को किसी अयोग्य व्यक्ति को दें।

इसे अपवित्र हाथों से छुएं, विशेष रूप से मांसाहार या नशा करने के बाद।

शाकनी यंत्र का दुरुपयोग करें, अन्यथा इसका जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

 

इन सावधानियों का पालन करने से शाकनी यंत्र अधिक प्रभावी और लाभकारी सिद्ध होता है, तथा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा प्रदान करता है।

 

निष्कर्ष

 

शाकनी यंत्र एक अत्यंत प्रभावशाली यंत्र है, जो काला जादू, टोटका, भूत-प्रेत बाधा, और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्रदान करता है। यदि इसे सही विधि से सिद्ध और स्थापित किया जाए, तो यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सुख, समृद्धि और सुरक्षा प्रदान करता है। यदि आप अपने जीवन में शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा या जादू टोना जैसे प्रभावों से परेशान हैं, तो शाकनी यंत्र आपके लिए एक शक्तिशाली रक्षा कवच साबित हो सकता है। इसे विधिपूर्वक स्थापित करें और अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करें।

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